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Tatpurush Samas Kise Kahate - तत्पुरुष समास

तत्पुरुष समास की परिभाषा, पहचान, भेद और उदाहरण

हिंदी व्याकरण में समास एक महत्वपूर्ण विषय है। समास का अर्थ होता है दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक छोटा और सार्थक शब्द बनाना। समास के प्रयोग से भाषा अधिक संक्षिप्त, प्रभावशाली और सुन्दर बनती है।

तत्पुरुष समास – Tatpurush Samas

तत्पुरुष समास हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण समास है जिसमें दो शब्द मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं और उस शब्द का मुख्य अर्थ दूसरे पद से स्पष्ट होता है।

उदाहरण :

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र
  • देवपूजा = देवता की पूजा
  • गृहकार्य = घर का कार्य

तत्पुरुष समास किसे कहते हैं

जिस समास में पहला पद दूसरे पद पर आश्रित होता है और समास का अर्थ मुख्य रूप से दूसरे पद के आधार पर समझा जाता है, उसे तत्पुरुष समास कहा जाता है।

सरल शब्दों में कहा जाए तो जिस समास में दूसरा पद प्रधान होता है और पहला पद उसकी विशेषता बताता है, वह तत्पुरुष समास कहलाता है।

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र
  • गृहकार्य = घर का कार्य
  • जलपान = जल का पान
  • देवपूजा = देवता की पूजा

तत्पुरुष समास की परिभाषा

आपका अगला टॉपिक पढ़े नीलकमल का समास विग्रह - कर्मधारय समास

जिस समास में दूसरा पद प्रधान होता है और दोनों पदों के बीच कारक संबंध छिपा होता है, उसे तत्पुरुष समास कहा जाता है।

अर्थात जहाँ पहले और दूसरे शब्द के बीच का, के, की, को, से, के लिए, में, पर जैसे संबंध छिपे हों, वहाँ तत्पुरुष समास होता है।

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र
  • गृहस्वामी = घर का स्वामी
  • वनवास = वन में वास

तत्पुरुष समास की पहचान

आपका अगला टॉपिक पढ़े द्वंद्व समास (माता-पिता)
  • इस समास में दूसरा पद मुख्य होता है।
  • पहला पद दूसरे पद पर निर्भर होता है।
  • दोनों शब्दों के बीच कारक चिह्न छिपे होते हैं।
  • विग्रह करने पर का, के, की, से, में, पर, को, के लिए आदि शब्द आते हैं।
  • राजपुत्र = राजा का पुत्र
  • देवपूजा = देवता की पूजा
  • गृहप्रवेश = घर में प्रवेश
  • हस्तलिखित = हाथ से लिखा हुआ


तत्पुरुष समास के भेद

  • कर्म तत्पुरुष
  • करण तत्पुरुष
  • संप्रदान तत्पुरुष
  • अपादान तत्पुरुष
  • संबंध तत्पुरुष
  • अधिकरण तत्पुरुष

1. कर्म तत्पुरुष

जिस समास में कर्म कारक (को) का संबंध छिपा होता है, उसे कर्म तत्पुरुष कहा जाता है।

  • ग्रामगमन = ग्राम को गमन
  • पुस्तकपठन = पुस्तक को पढ़ना

2. करण तत्पुरुष

जिस समास में करण कारक (से) का संबंध छिपा होता है, उसे करण तत्पुरुष कहा जाता है।

  • हस्तलिखित = हाथ से लिखा हुआ
  • तलवारघात = तलवार से घात

3. संप्रदान तत्पुरुष

जिस समास में संप्रदान कारक (के लिए) का संबंध होता है, उसे संप्रदान तत्पुरुष कहते हैं।

  • देशसेवा = देश के लिए सेवा
  • गुरुदक्षिणा = गुरु के लिए दक्षिणा

4. अपादान तत्पुरुष

जिस समास में अपादान कारक (से अलग) का संबंध होता है, उसे अपादान तत्पुरुष कहा जाता है।

  • देशनिकाला = देश से निकाला
  • पदच्युत = पद से च्युत

5. संबंध तत्पुरुष

जिस समास में का, के, की का संबंध छिपा होता है, उसे संबंध तत्पुरुष कहा जाता है।

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र
  • गृहस्वामी = घर का स्वामी

6. अधिकरण तत्पुरुष

जिस समास में में या पर का संबंध छिपा होता है, उसे अधिकरण तत्पुरुष कहा जाता है।

  • वनवास = वन में वास
  • गृहप्रवेश = घर में प्रवेश

तत्पुरुष समास के उदाहरण

नीचे तत्पुरुष समास के महत्वपूर्ण उदाहरण दिए गए हैं जो परीक्षा की दृष्टि से बहुत उपयोगी हैं।

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र
  • देवपूजा = देवता की पूजा
  • गृहकार्य = घर का कार्य
  • जलपान = जल का पान
  • गृहस्वामी = घर का स्वामी
  • वनवास = वन में वास
  • गृहप्रवेश = घर में प्रवेश
  • पदच्युत = पद से च्युत
  • देशनिकाला = देश से निकाला
  • हस्तलिखित = हाथ से लिखा हुआ

तत्पुरुष समास के 50 उदाहरण

नीचे तत्पुरुष समास के 50 महत्वपूर्ण उदाहरण दिए गए हैं जो अक्सर स्कूल परीक्षा, बोर्ड परीक्षा और सरकारी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र
  • देवपूजा = देवता की पूजा
  • गृहकार्य = घर का कार्य
  • जलपान = जल का पान
  • गृहस्वामी = घर का स्वामी
  • देशसेवा = देश के लिए सेवा
  • जनकल्याण = जनता के लिए कल्याण
  • गुरुदक्षिणा = गुरु के लिए दक्षिणा
  • वनवास = वन में वास
  • गृहप्रवेश = घर में प्रवेश
  • जलमग्न = जल में मग्न
  • देशनिकाला = देश से निकाला
  • पदच्युत = पद से च्युत
  • भयमुक्त = भय से मुक्त
  • रक्तरंजित = रक्त से रंजित
  • हस्तलिखित = हाथ से लिखा हुआ
  • तलवारघात = तलवार से घात
  • श्रमनिर्मित = श्रम से निर्मित
  • ग्रामगमन = ग्राम को गमन
  • पुस्तकपठन = पुस्तक को पढ़ना
  • फलभक्षण = फल को भक्षण
  • राजमार्ग = राजा का मार्ग
  • धनलोभ = धन का लोभ
  • विद्याभ्यास = विद्या का अभ्यास
  • नदीतट = नदी का तट
  • गंगाजल = गंगा का जल
  • हिमालयपुत्र = हिमालय का पुत्र
  • राजमहल = राजा का महल
  • पुस्तकालय = पुस्तकों का आलय
  • लोकहित = लोगों का हित
  • देशभक्ति = देश की भक्ति
  • जनसेवा = जनता की सेवा
  • धर्मपालन = धर्म का पालन
  • कर्मफल = कर्म का फल
  • जलधारा = जल की धारा
  • वायुसेना = वायु की सेना
  • भूमिपुत्र = भूमि का पुत्र
  • ग्रामवासी = ग्राम में रहने वाला
  • नगरवासी = नगर में रहने वाला
  • जलचर = जल में रहने वाला
  • स्थलचर = स्थल में रहने वाला
  • वनचर = वन में रहने वाला
  • गृहत्याग = घर का त्याग
  • राजभवन = राजा का भवन
  • कर्मयोग = कर्म का योग
  • शत्रुनाश = शत्रु का नाश
  • विद्यादान = विद्या का दान
  • राजदरबार = राजा का दरबार
  • देवालय = देव का आलय
  • गृहत्याग = घर का त्याग

महत्वपूर्ण उदाहरणों की आसान व्याख्या

कुछ उदाहरण ऐसे होते हैं जो सरकारी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। इन्हें समझना बहुत जरूरी है।

राजपुत्र – इसका अर्थ है राजा का पुत्र। यहाँ “राजा” और “पुत्र” दो शब्द हैं। दोनों के बीच “का” संबंध छिपा है इसलिए यह तत्पुरुष समास है।

देवपूजा – देवता की पूजा। यहाँ देवता और पूजा के बीच “की” संबंध है।

देशसेवा – देश के लिए सेवा। यहाँ “के लिए” संबंध छिपा हुआ है।

वनवास – वन में वास। यहाँ “में” का संबंध है।

पदच्युत – पद से च्युत। यहाँ “से” का संबंध है।

इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि जब दो शब्दों के बीच कारक संबंध छिपा होता है तो वह शब्द तत्पुरुष समास कहलाता है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • इस समास में दूसरा पद मुख्य होता है
  • पहला पद दूसरे पद पर निर्भर होता है।
  • विग्रह करने पर कारक शब्द दिखाई देते हैं।
  • तत्पुरुष समास के 6 मुख्य भेद होते हैं।
  • परीक्षा में अक्सर परिभाषा, पहचान और उदाहरण से प्रश्न पूछे जाते हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions)

तत्पुरुष समास वह समास होता है जिसमें पहला पद दूसरे पद पर निर्भर होता है और समास का मुख्य अर्थ दूसरे पद से स्पष्ट होता है। इसमें दोनों शब्दों के बीच का, के, की, को, से, के लिए, में, पर जैसे कारक संबंध छिपे होते हैं। उदाहरण – राजपुत्र = राजा का पुत्र।
तत्पुरुष समास की पहचान करने के लिए यह देखना होता है कि समास का मुख्य अर्थ दूसरे पद से निकल रहा है या नहीं। विग्रह करने पर यदि का, के, की, से, में, पर, को, के लिए जैसे शब्द आते हैं तो वह तत्पुरुष समास होता है।
तत्पुरुष समास के कुछ सामान्य उदाहरण इस प्रकार हैं – राजपुत्र = राजा का पुत्र देवपूजा = देवता की पूजा वनवास = वन में वास देशसेवा = देश के लिए सेवा पदच्युत = पद से च्युत
तत्पुरुष समास के मुख्य रूप से 6 भेद होते हैं – कर्म तत्पुरुष, करण तत्पुरुष, संप्रदान तत्पुरुष, अपादान तत्पुरुष, संबंध तत्पुरुष और अधिकरण तत्पुरुष। ये भेद कारकों के आधार पर बनाए जाते हैं।
राजपुत्र संबंध तत्पुरुष समास का उदाहरण है। इसका विग्रह होता है – राजा का पुत्र। यहाँ “का” संबंध छिपा हुआ है इसलिए यह तत्पुरुष समास है।
वनवास अधिकरण तत्पुरुष समास का उदाहरण है। इसका विग्रह होता है – वन में वास। यहाँ “में” का संबंध छिपा हुआ है।
पदच्युत अपादान तत्पुरुष समास का उदाहरण है। इसका विग्रह होता है – पद से च्युत। यहाँ “से” का संबंध छिपा हुआ है।
तत्पुरुष समास हिंदी व्याकरण का महत्वपूर्ण विषय है और SSC, UPSC, Railway, Police, Banking और State Exams में इससे जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को इसके उदाहरण और भेद अच्छी तरह याद रखने चाहिए।